गाबी महुआबन में आगजनी व बवाल को लेकर डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। अग्नि कांड पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने कई धाराओं के तहत कार्रवाई की है। चार दिन के भीतर लिखे गए तीसरे मुकदमें से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। मुकदमा लिखे जाने की जानकारी होते ही गांव में बचे लोग गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर भाग गए हैं। गाबी महुआबन में बीती चार जुलाई को बच्चों के बीच जामुन तोड़ने को लेकर हुए विवाद के बाद दो पक्षों में टकराव हो गया था। इसमें गोली चलने से एक पक्ष के फारुख, बहुचरा के प्रधान पुत्र सौरभ सिंह समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद बहुचरा व गाबी महुआबन में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती कर दी गई। मामले में सुहैब समेत पांच के खिलाफ जान से मारने के प्रयास में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
घटना के दूसरे दिन पांच जुलाई को पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में सैकड़ों की भीड़ ने धावा बोलकर आधा दर्जन लोगों के घरों को आग के हवाले कर जमकर उपद्रव किया। इस घटना पर लालगंज के तत्कालीन कोतवाल सभाजीत मिश्र ने पचास अज्ञात के खिलाफ बलवा, तोड़फोड़ व आगजनी के साथ लूट के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें बहुचरा के दर्जनभर लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया। इसके बाद से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को गाबी मामले में तीसरी एफआईआर दर्ज हो गई। अग्नि कांड पीड़िता नूरजहां पत्नी कयामउल्ला की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ बलवा व तोड़फोड़ करने, आधा दर्जन घरों में आगजनी और जानलेवा धमकी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली। तीसरा मुकदमा दर्ज होने की जानकरी होते ही बहुचरा व गाबी महुआबन में हड़कंप मच गया। पहले से पुलिसिया कार्रवाई व तांडव झेल रहे दोनों गांवों के बचे लोग भी घर छोड़कर भागने लगे हैं। गांववालों को आशंका है कि पुलिस किसी को भी गिरफ्तार कर आरोपी बना सकती है। पुलिस का बयान भी कुछ ऐसा ही इशारा कर रहा है। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज हुआ है तो गिरफ्तारी होनी ही है।