धर्म के नाम पर लड़ने वालों के लिए मोहम्मद जलील ने मिसाल पेश की है। उन्होंने मंदिर के लिए एक बीघे जमीन दानकर न सिर्फ धार्मिक सहिष्णुता का परिचय दिया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का प्रयास करने वालों का मंसूबा कभी सफल नहीं हो सकता। उदयपुर थाना क्षेत्र के कूंभीआइमा गांव के मोहम्मद जलील आम मुसलमानों की तरह अपने धर्म के प्रति पूरी आस्था रखते हैं। पवित्र रमजान के महीने में रोजा रखना, पांचों वक्त की नमाज अदा करना जैसे कार्य उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल हैं।
मोहम्मद जलील ने पवित्र रमजान के महीने में एक नेक और सराहनीय कार्य करते हुए धार्मिक सहिष्णुता का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने गांव में काली माता मंदिर के लिए अपनी भूमिधरी जमीन गाटा संख्या 194 में 0.253 हेक्टेअर यानी एक बीघा दान कर दी। मंदिर के लिए जमीन दान करने की बाबत जलील ने गांव के विकास सिंह व उमेश नारायण तिवारी समेत अन्य लोगों से बात की। इस पर गांववालों ने दानपत्र के पंजीकरण के लिए आपसी सहयोग से धनराशि इकट्ठी की। पंजीकरण के लिए स्टांप हेतु जब गांव वालों ने 24 हजार रुपये इकट्ठा कर लिया तो मोहम्मद जलील ने लालगंज तहसील में जाकर काली माता मंदिर के नाम मंदिर के प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सरोज के पक्ष में दान पत्र पंजीकृत करवा दिया।