विश्वविद्यालयों में तिरंगा फहराने के फरमान को शर्मनाक बताकर कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और विधायक डा. रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को विभिन्न संगठन सड़क पर उतर आए। रामलीला समिति ने रीता जोशी के पुतले की शव यात्रा निकालकर चौक घंटाघर में प्रदर्शन किया, तो भाजयुमो ने पुतले को फांसी पर लटकाया। सपाइयों ने पुतला फूंका। शनिवार को एक कार्यक्रम में आई प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष डा. रीता बहुगुणा जोशी के विवादित बयान से बेल्हा में भूचाल आ गया है। सोमवार को रामलीला समिति और व्यापारियों ने रीता जोशी के पुतले की शव यात्रा निकाली। ‘तिरंगे का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ और मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए भंगवाचुंगी से जुलूस चौक घंटाघर पहुंचा।
जहां बजरंग दल के संयोजक विजय सिंह और मनोज सिंह की अगुवाई में साथियों पुतला दहन किया। रामलीला समिति और बजरंग दल के अध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि तिरंगा फहराना अगर अपराध है, तो रीता जोशी को देश में रहने का अधिकार नहीं है। इस मौके पर सुमित श्रीवास्तव, मनीष रावत, रजनीश सिंह, रमेश मोदनवाल, पंकज कौशल, पवन कुमार सोनी, अनुज सिंह, राघवेंद्र सिंह, विनय सिंह, अजय सिंह, डिम्पल सिंह, श्याम शंकर सिंह, प्रदीप सिंह, राजीव लोचन, नवीन पाल, रजनीश तिवारी आदि मौजूद रहे।
समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष सद्दाम हुसैन ने रीता जोशी के विवादित बयान की घोर निंदा करते हुए एमडीपीजी के सामने पुतला फूंका। राष्ट्रीय झंडे का अपमान बताते हुए राष्ट्र से माफी मांगने को कहा है। इस मौके पर चंद्रेश त्रिपाठी, भानू यादव, मो आकिब, मो. नदीम रियाज, विवेक सोनी, सलमान खान, श्याम बाबू, मो. आकिब, आजम आदि मौजूद रहे।
इधर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय पर बैठक कर रीता जोशी के विवादित बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। जिलाध्यक्ष वरुण प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रीता जोशी के पुतले को फांसी पर लटकाया। भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा कि रीता जोशी का विवादित बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। इसलिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर आशुतोष सिंह, शिवेंद्र सिंह, संतोष तिवारी, अमितेश, आलोक अग्रहरि, रामबाबू नामदेव, अजय सिंह, सुनील दूबे आदि मौजूद रहे।