शासन आलू का भाव बढ़ाने और घटने की जानकारी किसानों तक पहुंचने के लिए उद्यान विभाग को जिम्मेदारी सौंपने जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी आलू का भाव बढ़ने और घटने की जानकारी मोबाइल के माध्यम से किसानों को अपडेट करते रहेंगे। इसके लिए तैयारी की जा रही है। अनुमान के मुताबिक, जिले में लगभग 5000 मीट्रिक टन आलू पैदा किया जाता है। उसको सुरक्षित रखने के लिए सदर में चार, लालगंज में एक, सांगीपुर में चार, मानधाता में दो, पट्टी में एक, सैफाबाद में एक मिलाकर जिले में 13 कोल्डस्टोरेज हैं।
इनमें साढ़े पांच हजार मीट्रिक टन आलू रखा जा सकता है। किसान आलू पैदा होने पर भाव गिरने के कारण इन कोल्डस्टोर का प्रयोग करते हैं, लेकिन भाव चढ़ने और गिरने की जानकारी न होने के चलते वह इसे सही समय पर बेच नहीं पाते। इसके चलते हर साल तीन हजार मीट्रिक टन आलू गोदामों में ही छूटकर सड़ जाता है। इसको देखते हुए उद्यान विभाग आलू का भाव बढ़ने और घटने की जानकारी किसानों को देने की कवायद शुरू करने जा रहा है। विभाग की ओर से किसानों के मोबाइल पर फोन के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाएगी। अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो यह नियम जल्द ही लागू हो जाएगा।