यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में अफसरों की ओर से नकलचियों को खुली छूट दी गई है। तीन दिन की परीक्षा में सिर्फ एक ही दिन उड़ाका दल निकला है। जबकि कागज पर प्रतिदिन और दोनों पालियों में उड़ाका दल भ्रमण कर रहा है। इसका फायदा उठाते हुए कक्ष निरीक्षक इमला बोलकर नकल करा रहे हैं।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए डीआईओएस ने सात सचल दल का गठन किया है। एक सचल दल में शामिल पांच-पांच लोगों को प्रतिदिन परीक्षा केंद्रों का औचक भ्रमण कर नकल पर लगाम लगानी थी। मगर वास्तविकता तो यह है कि सचल दल सिर्फ कागजों पर ही दौड़ रहा है। पहले सचल दल का नेतृत्व स्वयं डीआईओएस, दूसरे में बीएसए माधवजी तिवारी, तीसरे में जीआईसी प्रिंसिपल अरुण कुमार, चौथे दल में जीआईसी प्रिंसिपल चंदीगोविंदपुर इनारू प्रसाद, पांचवें दल में जीजीआईसी प्रिंसिपल सबीहा अब्बास नकवी, छठें दल में देवराज और जीआईसी सरायआनादेव के प्रिंसिपल अरविंद सिंह नेतृत्व कर रहे हैं। मगर कंट्रोल रूम में प्राप्त सूचना से यह जानकारी हुई है कि डीआईओएस के सिवा कोई भी सचल अभी तक नहीं निकला है।
नकल की हकीकत स्वयं डीआईओएस ने लालगंज पहुंचकर देखी थी। उन्होंने सात परीक्षार्थियों को रंगे हाथ दबोचकर रेस्टीकेट कर दिया था। डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापकों को साफ चेताया है कि अगर किसी कॉलेज में नकल करते हुए परीक्षार्थी मिलते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि उड़ाका दल भ्रमण कर रहे हैं। मंगलवार से दोनों पालियों में निरीक्षण करेंगे।