परीक्षा ड्यूटी के लिए कॉलेज से कार्यमुक्त होने वाले उन शिक्षकों पर गाज गिरने वाली है जो ड्यूटी करने के बजाय मौज कर रहे हैं। डीआईओएस ने राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों के ऐसे शिक्षकों का वेतन काटने और वित्तविहीन शिक्षकों का नाम मानदेय सूची से हटाने को कहा है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इटंरमीडिएट परीक्षाएं प्रारंभ हो गई हैं। जिले के करीब 368 केंद्रों पर पचास प्रतिशत कॉलेज और पचास प्रतिशत बाहरी शिक्षकों को तैनात किया गया है। बताया जाता है कि दूसरे कॉलेज जाने वाले शिक्षक केंद्रों पर रिलीविंग आदेश पहुंचाने के बाद ड्यूटी करने नहीं जा रहे हैं। इससे केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों का टोटा है। केंद्र व्यवस्थापकों की ओर से डीआईओएस को मिली जानकारी के बाद विभाग ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों से 20 फरवरी तक उनके कॉलेज में ड्यूटी नहीं करनेे वाले शिक्षकों की सूची मांगी है। उन्होंने कहा है कि राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलजों में जो शिक्षक ड्यूटी नहीं कर रहे हैं, उनके वेतन में कटौती करने और वित्तविहीन शिक्षकों का नाम मानदेय की सूची से हटाया जाएगा। वहीं गुरुवार को हिंदी के पेपर में करीब 9,550 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।