बेल्हा में हर साल बेरोजगारों की संख्या बढ़ती गई, लेकिन उनके जीविकोपार्जन के लिए रोजगार का सृजन नहीं हो सका। ऐसे में हर साल बेरोजगार युवा रोजगार की तलाश के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। औने-पौने दाम पर काम करने वाले बेल्हा के बेरोजगार युवा अपने घर का खर्च तक नहीं चला पा रहे हैं।
बेरोजगारी संख्या बताती है कि हर साल उनका आंकड़ा बढ़ रहा है, नहीं हुई तो सिर्फ रोजगार की व्यवस्था। जिला सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में जनवरी 2015-16 तक पिछले साल की तुलना में 4 हजार 983 बेरोजगार और बढ़ गए हैं। पूरे आंकड़े की बात करें तो जिले में वर्तमान समय में 1 लाख 97 हजार 158 बेरोजगार पंजीकृत हैं। यह तो सिर्फ पंजीकृत हुए बेरोजगारों की संख्या है। जानकारों की मानें तो हजारों की संख्या में अन्य शिक्षित युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं, जो जिला सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत नहीं हैं। साल 2014 में यह आंकड़ा 1 लाख 92 हजार 775 था।
रोजगार की व्यवस्था कराने की व्यवस्था जिला सेवायोजन कार्यालय में हर साल होती है, जहां बड़ी-बड़ी कंपनियां अनुभवी युवकों को रोजगार के आफर देती हैं, लेकिन महज 20 से 40 लोगों को ही रोजगार हर साल मिल पाता है। ऐसे में उच्च शिक्षा प्राप्त लाखों युवा घर पर बैठकर अपने भाग्य को कोस रहे हैं। बेरोजगारों का कहना है कि जिले में तमाम जनप्रतिनिधि कैबिनेट स्तर के मंत्री हुए, लेकिन किसी ने बेरोजगारों के बारे में नहीं सोचा। किसी ने भी जिले के बेरोजगारों की समस्या को दूर करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की।