नगर पालिका द्वारा पूर्व में कराए गए विकास कार्यों व आर्थिक श्रोतों की लूटखसोट की पहले हुई जांच को लेकर कार्रवाई न होने पर कमिशभनर ने नाराजगी जाहिर की है। उनके आदेश पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। जो पुराने मामलों की फिर से जांच व दोषी लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देगी। जांच से जुड़े दस्तावेजों को खोजने में नपा कर्मियों को पसीना छूट रहा है।
नगर पालिका बेल्हा में वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2007 तक के कई मामलों की जांच के नतीजे की जानकारी के लिए मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने रिपोर्ट जिलाधिकारी से तलब की। कमिश्नर का पत्र मिलने के बाद जिलाधिकारी ने पहले हो चुकी जांच की रिपोर्ट के साथ ही अब तक दोषी लोगों पर कार्रवाई की जानकारी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। जांच कमेटी में लोनिवि के एक्सईएन, एसपीओ व नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी शामिल हैं।
मंडलायुक्त के पत्र में तमाम बिंदुओं को लेकर गहनता से जांच के बाद रिपोर्ट देने को कहा गया है। जिलाधिकारी का पत्र मिलने के बाद ईओ ने कमेटी को जांच के लिए अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों को आदेशित किया है। जिसे खोजने में नगर पालिका कर्मचारियों को पसीना छूट रहा है। खास बात यह है कि इन शिकायतों की पहले जांच हो चुकी है और अपर जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट भी आला अधिकारियों को दे रखी है।
इंदु बिहार आवासीय योजना आवास विकास से संबंधित, पंचवर्षीय गृहकर व जलकर निर्धारण के लिए पालिका अध्यक्ष के आदेश दिनांक 22 जून 2002 द्वारा पांच सदस्यीय समिति का गठन और समिति के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा बिना किसी आदेश के दस गुना से अधिक करों में कटौती की संस्तुति करना, नगर पालिका अध्यक्ष के गनर का भुगतान करना, नगर पालिका की कार व फागिंग मशीन के निस्तारण, अध्यक्ष के कक्ष में फर्नीचर आदि का क्रय, वाहन अड्डों से की गई मनमानी वसूली, चुंगी वसूली प्रथा समाप्ति के फलस्वरूप निष्प्रयोज्य भवन के निस्तारण ,नगर में कुल 10 अदद हाईमास्ट, प्रताप बहादुर पार्क की दुकानों के आवंटन, तीन फर्मो को होर्डिंग्स का ठेका देने के के अलावा सीनियर कर्मचारियों की उपेक्षा कर दूसरे पदों पर तैनात कर्मचारियों से उनके पद के विपरीत लिए जाने वाले कार्य से संबंधित अभिलेख शामिल हैं।