जिले के परीक्षा केंद्रों पर करीब पचास प्रतिशत कक्ष निरीक्षक बाहरी होंगे। यदि किसी केंद्र व्यवस्थापक ने शत-प्रतिशत अपने कॉलेज के ही शिक्षकों की ड्यूटी लगाई तो उस पर गाज गिर सकती है। जिस विषय की परीक्षा जिस दिन होगी, उस दिन उस विषय के शिक्षक की ड्यूटी नहीं लगेगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 18 फरवरी से प्रारंभ हो रही हैं। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों से दो टूक कहा है कि किसी भी केंद्र में पचास प्रतिशत से अधिक उसी कॉलेज के शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगानी है। परीक्षा में जितने कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता हो, उसकी जानकारी विभाग को दी जाए। विभाग आसपास के स्कूल या बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों को तैनात करेंगे।
परीक्षार्थियों को इस बार विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यूपी बोर्ड ने कॉपियों के ऊपर धार्मिक भावनाएं लिखने पर सख्त पाबंदी लगा दी है। ओम, श्रीगणेशायनम: या 786 लिखने वाले परीक्षार्थियों का रिजल्ट रुक सकता है। परीक्षा के पहले दिन आधा घंटे पहले, उसके बाद होने वाली परीक्षाओं में 15 मिनट पहले केंद्रों पर प्रवेश दिया जाएगा। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि केंद्रों पर पचास प्रतिशत बाहरी कक्ष निरीक्षकों को लगाना आवश्यक है। अगर केंद्र व्यवस्थापक ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।