वाहन शुल्क के नाम पर पांच-पांच सौ रुपये प्रतिमाह की वसूली करने और मैजिक में बच्चों को भूसे की तरह भरने से नाराज अभिभावकों ने शुक्रवार को चिलबिला में जमकर हंगामा किया। अभिभावकों ने बच्चों को बाजार में उतार लिया और जब तक स्कूल से बस नहीं आई, बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
शहर के स्कूलों में वाहन शुल्क के नाम पर मोटी रकम लेने के बाद भी बच्चों को सुरक्षित स्कूल आने-जाने की सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है। चिलबिला स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल की मैजिक शुक्रवार को जब चिलबिला बाजार पहुंची तो ठूसकर भरे गए 31 बच्चों को देखकर अभिभावक भड़क गए। अभिभावक सभी बच्चों को नीचे उतार कर हंगामा करने लगे। अभिभावक इस बात पर अड़ गए कि जब तक स्कूल से बस नहीं आती है तब तक बच्चों को नहीं भेजा जाएगा।
इस बात की खबर जब स्कूल प्रशासन को मिली तो आनन-फानन में बस भेजी गई। स्थानीय अभिवावकों का आरोप है कि बच्चों के घर से स्कूल की दूरी महज दो किमी है, मगर वाहन शुल्क के नाम पर आठ-आठ सौ रुपये वसूले जाते हैं। बीएसए माधवजी तिवारी ने बताया कि मानक की अनदेखी करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान जल्द चलाया जाएगा।