चौदह फरवरी को भले ही प्रेमी युगल अपनी मोहब्बत का इजहार करने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं, लेकिन शहर में प्रेम के इस दिन कोे लेकर कोई खास हलचल नहीं दिख रही है। जहां वेलेंटाइन डे को लेकर कुछ संगठन विरोध की योजना बना रहे हैं। वहीं प्रशासनिक अमला भी ऐसे संगठनों पर लगाम लगाने के लिए खाका तैयार कर रहा है। इन सबके बीच युवाओं में भी वेलेंटाइन डे को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है।
वेलेेेंटाइन डे अब सिर्फ चार दिन ही शेष है। इसके बाद भी जिले की युवा धड़कनों में अब तक कोई हलचल नहीं दिखाई पड़ रही है। अधिकांशत: इस दिन यानी 14 फरवरी को लड़कियाें वाले कॉलेज बंद कर दिए जाते हैं। मगर, इस बार वैसे ही रविवार पड़ रहा है । इसलिए स्कूल, कॉलेज, कोचिंग के साथ ही रविवार का दिन होने के कारण बेल्हा देवी मंदिर परिसर में भी प्रेम दीवानों को ठौर पाने में दिक्कत होगी। सोमवार या शुक्रवार होता तो भीड़ के बीच यह लोग प्रेम का इजहार करने में सफल हो जाते। इनके लिए कंपनी बाग के अलावा चिलबिला सांई दाता की कुटी का इलाका बचता है। अब तो कुछ लोग शनिदेव मंदिर की राह पकड़ लेते हैं।
शहर में वेलेंटाइन डे के लिए भी नए साल, होली, दीपावली की तरह ही शुभकामनाआें वाले कार्ड की दुकानें सजती थीं। इस साल वेलेंटाइन सप्ताह शुरू होने के बाद भी शुभकामनाआें वाले कार्ड नहीं दिख रहे हैं। इसका कारण मोबाइल को माना जा रहा है। कार्ड बहुतों की निगाहाें से गुजरता था जबकि मोबाइल का मैसेज सिर्फ प्रियतम तक ही पहुंचता है। ऐसे में कार्ड का कारोबार करने वाले अब दुकानें ही नहीं सजाते।
अपने वेलेंटाइन को आकर्षक उपहार देने के लिए युवाआें के मन मे महीनों से हसरत रहती है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है। गिफ्ट आइटम की दुकानाें के साथ ही लोग आभूषण की दुकान तक आकर्षक उपहार की तलाश करते हैं, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है। चौक घंटाघर पर गिफ्ट आइटम के विक्रेता अशोक अग्रवाल ने बताया कि वेलेंटाइन सप्ताह शुरू होने के बाद भी अब तक उपहारों के इक्का-दुक्का खरीदार ही सामने आ सके हैं।