ब्लॉक प्रमुखों का परिणाम आते ही पंचायत चुनाव का शोर थम गया है। अब प्रत्याशियों ने एमएलसी चुनाव पर जोर देना शुरू कर दिया है। सपा प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह को ब्लाक प्रमुखों से नई उम्मीद जग गई है। चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए पूर्व बीडीसी सदस्यों की सूची तैयार की जा रही है।
पहले चरण में जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी सदस्य दूसरे चरण में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य और तीसरे चरण में ब्लॉक प्रमुखों के हुए चुनाव के बाद पंचायत चुनाव का शोर पूरी तरह थम गया है। अब लोगों की नजर एमएलसी चुनाव पर टिक गई है। चुनाव जीतने के लिए अब ब्लॉक प्रमुखों पर जिम्मेदारी थोप दी है। एमएलसी के चुनाव में वर्तमान बीडीसी सदस्यों की कैबिनेट अभी गठित नहीं हो पाई है। ऐसे में पुराने बीडीसी सदस्य ही एमएलसी का चुनाव करेंगे। नए प्रधान और पुराने बीडीसी सदस्यों से चुने जाने वाले एमएलसी प्रत्याशी अब मतदाताओं की सूची तैयार करने में जुट गए हैं।
हालांकि अभी तक सपा ने ही अपने प्रत्याशी के नाम का खुलासा किया है। इससे सपा प्रत्याशी अधिक सक्रिय दिख रहे हैं। हालांकि मतदाता भी अन्य चेहरों की तलाश में हैं, मगर अभी तक भाजपा, बसपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों के नामों का खुलासा नहीं किया है। ऐसे में मतदाता भी अभी प्रत्याशी का चुनाव नहीं कर सके हैं। हालांकि सपा के कार्यकर्ता मतदाता तक पहुंचना प्रारंभ कर दिए हैं। फिलहाल राजनैतिक समीकरण एक बार फिर उस समय बदलेगा, जब सभी पार्टियां प्रत्याशियों के नामों का खुलासा करेंगी।
विधान परिषद सदस्य के लिए होने वाले चुनाव के लिए सोमवार से नामांकन पत्रों की बिक्री प्रारंभ कर दी गई है। सोमवार को अफीम कोठी से वितरित होने वाला पहला पर्चा योगिनी निर्मला देवी ने खरीदा। 15 फरवरी तक नामांकन पत्रों की खरीदारी और नामांकन पत्र दाखिल किया जा सकता है।