रेलवे स्टेशन पर मुसाफिरों को गंदा पानी पिलाया जा रहा है। टंकी का ढक्कन खुला होने से प्लेटफार्म और रेलवे पटरी की गंदगी आदि उड़कर टंकी के अंदर पानी में तैर रहा है। इसी पानी को मुसाफिर पी रहे हैं। उनको अहसास नहीं हो पाया कि वे जिस पानी को साफ समझकर पी रहे हैं, वह पानी पीने लायक नहीं है। यह नजारा प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो और तीन का है।
पीएम मोदी देश में स्वच्छता का नारा देते हैं। रेल महकमे में इस पर जोर दिया जा रहा है। प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को दूषित पानी पिलाया जा रहा है। प्लेटफार्म नंबर दो और तीन के बीच पुराने पुल के नीचे यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए पानी की टंकी बनी हुई है। दोनो प्लेटफार्म पर आने वाली गाड़ियों के मुसाफिर इसी टंकी के पानी से प्यास बुझाते हैं। शुक्रवार को पानी की टंकी का ढक्कन खुला था। उसमें गंदगी भरा हुआ था। इसमें पन्नी, प्लास्टिक का झोला और तमाम अनुपयोगी चीजें भरी थीं।
कर्मचारियों का कहना था कि टंकी का ढक्कन काफी दिनों से खुला पड़ा है। इस बारे में जिम्मेदारों से कई बार कहा गया। कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ढक्कन खुला होने से गंदगी के अलावा बंदर और पक्षियों से भी गंदगी फैल रही है। एडीईएन अर्जुन सिंह को जब इस बारे में बताया गया तो उन्होंने केवल ढक्कन लगाने की बात कही। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। क्या कार्रवाई होनी चाहिए इस बारे में एडीईएन कुछ नहीं बोले।