पुरानी पेंशन और मृतक आश्रितों की नियुक्ति को लेकर बुधवार को प्राथमिक शिक्षक संघ ने कचहरी में हुंकार भरी। शिक्षक नेताओं ने चेताया है कि अगर सरकार ने जल्द ही मांगों पर अमल नहीं किया तो वे सड़क पर उतरने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित बीस सूत्रीय ज्ञापन सीआरओ को सौंपा।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने बुधवार को कचहरी में प्रदर्शन कर एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन से लाभान्वित करने और मृतक आश्रितों को शिक्षक के रूप में तैनात करने की मांग की है। धरने की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष रमाशंकर शुक्ला ने कहा कि सरकार शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है। मृतक आश्रितों की नियुक्ति शिक्षक के रूप में करने की मांग करते हुए परिवार को पारिवारिक पेंशन देने की मांग की। जिला मंत्री विनय सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों के साथ दोहरा मानदंड अपना रही है। पेंशन पर सभी शिक्षकों का अधिकार बताते हुए कहा कि अगर शिक्षक को पेंशन नहीं दी जाएगी तो वे सेवानिवृत्त होने के बाद जीवनयापन कैसे करेंगे।
उन्होंने बीएड और बीटीसी में शिक्षकों के पाल्यों को दस अंक का वेटेज देने की भी मांग की है। मानधाता इकाई के मंत्री रामानन्द मिश्रा ने कहा कि शिक्षक साथी इस ज्यादती को अधिक दिनों तक बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार नहीं चेती तो 16 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश पांडेय ने शिक्षकों को संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा। धरने का संचालन प्रभाशंकर पांडेय ने किया। इस मौके पर संयुक्त मंत्री राकेश सिंह, विजय मिश्र, गिरिजा शंकर शुक्ल, अजीत अकबाल, पंकज तिवारी, प्रशांत यादव, पन्नालाल यादव, प्रभाकर सिंह, राजीव गुप्ता, मनोज पांडेय, सुधीर सिंह, रणजीत सिंह, हरिशंकर यादव, जैनेंद्र सरोज, निर्भय सिंह, सुधीर मिश्र आदि मौजूद रहे।