शनिवार को प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आए नार्दन रेलवे लखनऊ डिवीजन के प्रबंधक एके लोहाटी ने यात्री समस्याओं को दरकिनार करते हुए एक बार फिर जनता के भरोसा पर खरे नहीं उतर पाए। लोगों को आश्वासन की घुट्टी पिलाए और चले गए। केवल इतना कहा कि रिमाडलिंग के बाद प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन के अच्छे दिन आएंगे। इसमें कितना वक्त लगेगा, इसका जवाब उनके पास नहीं था। प्लेटफार्म की संख्या और मुंबई की गाड़ियों का फेरा बढ़ाने के सांसद के मुद्दे को सिरे से खारिज कर दिया।
डीआरएम एके लोहाटी अफसरों की फौज के साथ प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे। पत्रकाराें से रूबरू हुए तो पूरे समय केवल प्रतापगढ़ यार्ड की रिमॉडलिंग की बात करते रहे। वह यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं के बारे में नहीं बोले। बिजली, पानी, प्लेटफार्म की बदहाली, आरक्षण काउंटर और रेलवे अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार, शौचालय आदि की समस्याओं को किनारे करते हुए आरआरआई, वाशिंग लाइन बनाने और स्टेशन का आउटलुक बदलने का दावा करते नजर आए।
इस दौरान सांसद हरिवंश ने मुंबई की गाड़ियों उद्योगनगरी और साकेत का फेरा और प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाने वाले पहले के वायदे को डीआरएम के सामने एक बार फिर रखा। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने रेलवे परिसर में सांसद के साथ झाड़ृ लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान सीनियर डीसीएम अजीत सिन्हा, एसएस केएन शर्मा, सीडीओ दिनेश यादव, एसएससी संजय यादव, विक्रम समेत कई अफसर मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ रेलवे अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ द्वारा बीमार मरीजों से इलाज के नाम पर लूटने की खुली छूट मुख्य चिकित्सक अधीक्षक दे गईं। पत्रकारों ने जब अस्पताल के स्टाफ के रवैए के बारे में सीएमएस से बात की तो उनका जवाब था कि डॉक्टर और स्टाफ अगर बीमारी यात्री को देखने की फीस ले रहे हैं तो इसमें हर्ज ही क्या है। डीआरएम का कहना है कि फीस लेना सरासर गलत है। कार्रवाई होगी।
रेलकर्मियों की समस्याओं को लेकर एनआरएमयू ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने इंजीनियरिंग विभाग पर तमाम आरोप मढ़े। इसी क्रम में सड़ारी के ग्राम प्रधान दीनानाथ ने नया मालगोदाम क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने की मांग का ज्ञापन डीआरएम को सौंपा। चिलबिला में सरयू, इंटरसिटी ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग को लेकर व्यापारियों ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपा।