खंड शिक्षा अधिकारी सदर पर समायोजित शिक्षामित्रों के एरियर भुगतान के लिए दस-दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए शिक्षामित्रों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदर ब्लाक के 35 शिक्षामित्रों का भुगतान नहीं होने पर संघ के पदाधिकारी आक्रामक रूख अख्तियार कर लिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी स्कूलों में तैनात समायोजित शिक्षामित्रों का बकाया वेतन एरियर के रूप में भुगतान किया जा रहा है। जिले के 17 विकास खण्डों में से 16 ब्लाकों में एरियर का भुगतान कर दिया गया है। सदर विकास ब्लाक में तैनात 55 समायोजित शिक्षामित्रों में से अभी तक मात्र 20 लोगों का ही एरियर खाते में भेजा गया है। 35 समायोजित शिक्षामित्र ऐसे हैं जिनका एरियर भुगतान नहीं किया गया है। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष रीना सिंह का आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी सदर अपने दलालों के माध्यम से दस-दस हजार रुपये की वसूली कर रही हैं। अध्यक्ष की मानें तो जिन लोगों ने बीईओ की मांग पूरी कर दी उनका एरियर खाते में भेज दिया गया। जो देने में आनाकानी कर रहे हैं ।
उनके एरियर का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने कहा है कि बीईओ सदर की करतूत का खुलासा करने के लिए शुक्रवार को बीएसए कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इधर बीईओ शालिनी श्रीवास्तव ने बताया आरोप लगाना आसान होता है, मगर कोई सिद्ध करके दिखाए। बीएसए माधवजी तिवारी ने बताया कि एरियर के नाम पर वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। मैने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। मामले को लेकर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।