महाविद्यालय कर्मचारियों की लापरवाही से हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। परीक्षा फार्म भरने में लापरवाही करने से छात्र-छात्राओं के चयनित विषय की जगह दूसरे विषयों को भर दिया गया है। मामले को लेकर छात्र-छात्राओं में रोष है। जानकारी होने पर कालेज प्रशासन ने कर्मचारियों को फटकार भी लगाई है।
महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का पिछले माह परीक्षा फार्म भरा गया था। अधिकांश छात्र-छात्राओं ने परीक्षा फार्म साइबर कैफे से भरा था, लेकिन कई महाविद्यालय के कर्मचारियों ने छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक देख फार्म भरने का ठेका लिया था। जिससे उनकी मोटी कमाई हो सके। छात्र-छात्राओं ने कर्मचारियों पर विश्वास करके उनको फार्म भरने की जिम्मेदारी दे थी। वहीं कालेज प्रशासन की भी रजामंदी थी। कर्मचारी महाविद्यालय में कार्यालय का काम निपटाते थे और घर पर फार्म भरने का काम करते थे।
इसके लिए उन्होंने कंप्यूटर चलाने वाले दो तीन लड़कों को साथ में रखा था। प्रवेश के दौरान छात्र-छात्राओं के चयनित विषयों की सूची वह घर ले गए थे। इसके बावजूद फार्म भरने में जमकर लापरवाही की गई। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि फार्म में उनके चयनित विषय को नहीं भरा गया है। जबकि उसकी जगह दूसरे विषयों के लिए आवेदन कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में साल भर की गई पढ़ाई उनकी बर्बाद हो जाएगी। उन्हें नए सिरे से दूसरे विषय की तैयारी करनी होगी। जिससे वह परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। नाराज छात्र-छात्राओं ने कालेज प्रशासन से मामले की शिकायत की है। इस पर प्रशासन ने कर्मचारियों को फटकार भी लगाई है। फार्म भरने में अधिकांश छात्र-छात्राओं का विषय इतिहास के बजाय समाजशास्त्र कर दिया गया है।