कुंडा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों की मतदाता सूची की जांच कर रही एसटीएफ की टीम शनिवार को कचहरी स्थित निर्वाचन कार्यालय पंचायत आ धमकी। टीम ने शिकायत वाले गांवों की मतदाता सूची अपने कब्जे में लिया। इस दौरान कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। कुंडा तहसील क्षेत्र में प्रधान पद के चुनाव के दौरान मतदाता सूची को लेकर बड़ा बवाल मचा । मतदान के दिन भी लोगों ने आयोग के प्रेक्षक से शिकायत करते हुए एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को दोषी ठहराया था। हालांकि, उसके पहले ही तत्कालीन जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने तहसील के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया था। मतगणना के बाद अचानक मतदाता सूची को लेकर मिली शिकायतों को आयोग ने गंभीरता से लिया। आयोग ने कुंडा तहसील के कई गांवों की मतदाता सूची में गड़बड़ी को देखते संबंधित अधिकारियों समेत कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूरी जांच एसटीएफ को सौंप दी।
इसके बाद एसटीएफ के सीओ प्रवीण कुमार की अगुवाई में मतदाता सूची में हुई खामियों की पड़ताल शुरू हो गई। गांवों से शिकायतों व साक्ष्यों को एकत्र करने के बाद शनिवार को एसटीएफ टीम कलक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय पंचायत व नगरीय पहुंची। यहां से शिकायत वाले गांवों की पुरानी मतदाता व नई मतदाता सूची के रिकार्ड कब्जे में लिया। परिवर्धन वाले नामों की सूची भी कब्जे में ली गई। इसके अलावा तहसील से भेजे गए पत्रों की छाया प्रति भी टीम के लोग अपने साथ ले गए। टीम के आने के बाद कार्यालय में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। कार्यालय के आसपास यह चर्चा होती रही कि शिकायत वाले गांवों में जांच के बाद कार्रवाई भी हो सकती है। जिससे निर्वाचित प्रधानों की कुर्सी भी जाने की संभावना है। इस बाबत जिला निर्वाचन अधिकारी नगरीय व पंचायत एसपी बर्नवाल ने बताया कि एसटीएफ की टीम आई थी। जांच से संबंधित रिकार्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं।