प्रतापगढ़ रेलवे बुकिंग काउंटर पर यात्रियों से वसूली की जा रही है। कर्मचारियों ने एकदम से अंधेरगर्दी मचा रखी है। रविवार की देर शाम बुकिंग कर्मियों ने पचास रुपये लेने के बाद ही टिकट कैंसिल किया। यात्रियों ने इसकी शिकायत जिम्मेदार कर्मचारियों से की, मगर उनकी सुनी नहीं गई।
रविवार को साकेत एक्सप्रेस का जनरल टिकट जेटीवीएस (जनता टिकट खिड़की सेवा) काउंटर से लेकर यात्री प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुुंचे। भीड़ होने के कारण कई यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं पाए। ट्रेन जाने के बाद यात्री टिकट कैंसिल कराने बुकिंग काउंटर पर गए। कर्मचारियों ने पहले तो जेटीवीएस का टिकट लेने से इंकार कर दिया। पट्टी जाफरगंज गांव के अब्दुल करीम, रिजवान, एजाज और नदीम का आरोप है कि कर्मचारियों ने पचास रुपये लेने के बाद सब का टिकट वापस किया। ये चारों भी साकेत से मुंबई जाने वाले थे। मगर भीड़ होने के कारण चढ़ नहीं पाए। यात्री इसकी शिकायत करने एसएस दफ्तर गए, मगर वह बंद था। उसके बाद ये लोग एसएम ऑफिस गए, मगर किसी ने नहीं सुनी। शिकायत लिखने के बजाए भगा दिया।
हालांकि एसएम का कहना है कि उनके पास इस तरह की शिकायत लेकर कोई नहीं आया। बता दें कि इस तरह के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। । रविवार की जिन दो बुकिंग कर्मियों की ड्यूटी थी, उसमें से एक रेलवे पास के फर्जीवाड़े में भी फंस चुका है। इसके बाद भी लूटखसोट मचाए हुए हैं। मजे की बात यह है कि इन सबकी जानकारी सीबीएस को रहती है। लेकिन कार्रवाई करने के बजाए वह आंख मूंदकर बैठे हैं।
हालांकि सीबीएस ने इससे साफ इनकार किया है। जेटीवीएस काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों के सामने अक्सर इस तरह की दिक्कतें आती हैं। टिकट वापस करने और पैसा लौटाने में आनाकानी करते हैं। जेटीवीएस संचालकों का कहना है कि उनको टिकट बेचने का अधिकार रेलवे ने दिया है। टिकट कैंसिल करने का नहीं। इस बारे में सीनियर डीसीएम लखनऊ अजीत सिन्हा ने मामले की गोपनीय जांच कराने के बाद कार्रवाई की बात कही है।