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जेईई परीक्षा में किसान के बेटे ने लहराया परचम

Mon, 22 Jun 2015 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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मेहनत व लगन से बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। यह साबित कर दिखाया कालाकांकर क्षेत्र के किसान के बेटे शुभम् ने। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने कड़ी लगन व प्रतिभा से जेईई संयुक्त प्रवेश परीक्षा में 965 वी रैंक हासिल की। उसकी इस सफलता से माता-पिता स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। 
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कालाकांकर क्षेत्र के ऐठू पूरे लालसाहब के रहने वाले कृष्णप्रताप यादव किसान हैं। उनके पास मात्र एक बीघे भूमि है। जिस पर वह अनाज उगाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनकी तीन बेटियां व एक बेटा शुभम् है। शुभम शुरू से ही पढ़ने में मेधावी था। हर कोई उसकी प्रतिभा की दाद देता था। लालाबजार स्थित त्रिलोचनपुर कालेज से उसने हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद वह अपने बाबा सहदेव प्रसाद यादव के पास कानपुर में रहने लगा। उसके बाबा रेल विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। वहां से उसने दीनदयाल इंटर कालेज से 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। पहले से उसके मन में इंजीनियर बनने का लक्ष्य था।

इस वजह से उसने साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई की। बिना कोचिंग व संसाधनों के अभाव में उसने जेईई संयुक्त प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। स्वअध्ययन से ही उसने प्रवेश परीक्षा में अपना परचम लहरा दिया। रिजल्ट आते ही वह खुशी से झूम उठा।  शुभम ने जेईई एडवांस परीक्षा में  965वीं रैंक हासिल की है। जबकि उसे ओबीसी में 124वीं रैंक मिली है। उसकी इस सफलता पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई है। सबसे ज्यादा खुशी उसके पिता कृष्ण प्रताप को है। शुभम भी इस सफलता का श्रेय अपने पिता के साथ ही मां सुनीता और बाबा सहदेव को देता है। वह इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहता है।
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