ओरी का पुरवा सगरासुंदरपुर में करीम की हत्या की खबर मिलने पर जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह व पुलिस अधीक्षक एमपी वर्मा दलबल के साथ गांव पहुंचे। पीड़ित के परिवारवालों से बातचीत करने के बाद साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों ने मातहतों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
ओरी का पुरवा निवासी करीम अली भिमंडी में लूम चलाया करता था। पंचायत चुनाव के पहले ही वह घर आया था। चुनाव में मतदान करने के बाद उसे अक्सर धमकी मिलती रहती थी कि उसका मकान नन्हे के प्रधान बनने के बाद गिरा दिया जाएगा। इसी भय के चलते वह कमाने नहीं जा रहा था। दिन-रात मकान की निगरानी करता रहता था।
ओरी का पुरवा में करीम की हत्या के बाद दो गांवों में तनाव व्याप्त हो गया। चूंकि मामला दो वर्गों का था। इसलिए पुलिस भी अलर्ट हो गई। एएसपी पश्चिमी दिनेश सिंह ने नजदीकी थानेदारों को रात में ही बुला लिया। पीएसी भी तैनात कर दी। घटना के बाद से ही हदिराही के ग्रामीणों ने रास्ता भी बदल दिया है।
हदिरारी के प्रधान नन्हें वर्मा को शुक्रवार के दिन ब्लाक में शपथ लेनी थी। इसके लिए वह गुरुवार से ही तैयारी में था। देर रात हुई घटना के बाद वह घर छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने उसकी तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस की खोजबीन के चलते वह शुक्रवार को ब्लाक में शपथ भी नहीं ले सका।