नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली में मंगलवार की सुबह एसटीएफ और कोतवाली पुलिस ने छापा मारकर एक ट्रक से छह क्विंटल गांजा बरामद किया। जिसकी कीमत 30 लाख के करीब बताई गई। पुलिस के छापे से इलाके में हड़कंप मच गया। छापेमारी के डर से गांजा तस्कर वहां से भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने चार लोगों को धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक कंधई थाना क्षेत्र के रखहा निवासी शंकरलाल जायसवाल गांजा तस्करी का काम करता था। दूसरे राज्यों से गांजा मंगवाने के बाद वह जिले के 50 से अधिक अड्डों पर सप्लाई करता था।
इस गोरखधंधे में उसका सहयोग सगरासुंदरपुर निवासी उसका नाती ओमप्रकाश जायसवाल करता था। मंगलवार को उसने झारखंड से छह क्विंटल गांजा ट्रक से मंगाया था। जिसे बिहार के भोजपुर जिला के उदवत थाना क्षेत्र के मसाद गांव निवासी हरेंद्र सिंह पुत्र विद्यासागर सिंह, आरा जिला बड़हरा थाना क्षेत्र के गजियापुर निवासी शत्रुघ्न पुत्र गिरिजाशंकर व ओमप्रकाश जायसवाल आदि शंकरलाल जायसवाल के घर लेकर जा रहे थे। मुखबिर से इसकी सूचना पुलिस को लग गई। इस पर पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर जाल बिछाया। जैसे ही ट्रक महुली पहुंचा कि एसटीएफ टीम के साथ कोतवाल हरिपाल सिंह ने घेर लिया। पुलिस देख गांजा तस्कर भागने लगे। इस बीच पुलिस ने दौड़ाकर शंकर जायसवाल समेत चारों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने गांजा लदा ट्रक कब्जे में ले लिया। हिरासत में लिए गए आरोपियों को कोतवाली लाया गया।
गांजा तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए ट्रक में एक केबिन बना रखा था। जिससे ट्रक पर लदे गांजा के बारे में किसी को पता न चल सके। हालांकि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पकड़ लिया।
गांजा तस्कर शंकरलाल जायसवाल ने डिलेवरी के लिए पहले ही आनलाइन खाते में 17 लाख रुपये जमा कर दिए थे। पूरी बात 25 लाख रुपये में तय थी। बचे हुई रकम को डिलेवरी के बाद देना था।