शातिर अपराधियों में शुमार कृष्णदेव पांडेय उर्फ चुनमुन ने बस रुकते ही नकाबपोश बदमाशों को देख लिया। अनहोनी की आशंका के चलते वह बस में लेट गया। ताकि बदमाशों की उस पर नजर न पड़े, लेकिन हमलावरों ने उसे बस में घुसते ही खोज लिया। वह पहले तो हत्यारों से भिड़ा, लेकिन गोली लगते ही बस में लुढ़क गया।
इलाहाबाद से बस में सफर कर रहे चुनमुन को सीट नहीं मिली थी। वह बस में खड़े होकर सफर कर रहा था। जैसे ही पल्सर सवार बदमाशों ने बस रुकवाई उसकी नजर उन पर पड़ गई। वह पहले तो बस में लेट गया। जब बदमाशों ने उसे खोज लिया तो जान बचाने के लिए सीट पर बैठी एक महिला को अपनी ओर खींचकर ढाल बनाने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने महिला को अलग कर उसे गोलियों से भून दिया।
चुनमुन बस में इलाहाबाद से सवार हुआ। निजी बस से वह घर पहुंचने की जल्दी में था। उसके मोबाइल पर बराबर फोन आ रहा था। बातचीत के दौरान वह अपनी लोकेशन बता रहा था। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि चुनमुन के पास देल्हूपुर से निकलते ही फोन आया तो उसने बातचीत के दौरान बताया कि देल्हूपुर से बस निकल चुकी है। लोगों ने आशंका जताई कि फोन पर उससे बातचीत करने वाला ही हत्यारों को उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी दे रहा था। वैसे जांच के बाद ही सच्चाई का पता चलेगा। फिर भी पुलिस भी मान रही है कि रंजिश में युवक की गोली मारकर हत्या की गई है।
मानधाता थाना क्षेत्र के गजेहड़ा जंगल के करीब वारदातों को रोकने के लिए पूर्व पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस बूथ बनवाया था। दिन-रात पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। ताकि कोई अप्रिय वारदात न हो सके। पुलिस बूथ भले ही बन गया, लेकिन वहां दिन हो या रात पुलिसकर्मी दिखाई ही नहीं देते। लोगों की मानें तो जनता की सुरक्षा के लिए बना पुलिस बूथ केवल वाहनों से वसूली के लिए ही प्रयोग किया जाता है।
नगर कोतवाली के बराछा निवासी राज नारायण पांडेय महुली मंडी समिति में मंडी निरीक्षक थे। उनका इकलौता पुत्र कृष्णदेव पांडेय उर्फ चुनमुन बचपन से ही शरारती था। परिवार के लोग उसकी हरकतों से परेशान रहते थे। करीब सात साल से वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था। छिनैती, लूट व जानलेवा हमले के मामले में वह जेल भी जा चुका था। परिवार के लोग उसे हर खुशी देेने के लिए तैयार थे, लेकिन उसकी आदत में सुधार नहीं हो रहा था। इसीलिए वे उसकी शादी भी नहीं किए। परिवार के लोग उसकी हरकतों से तंग आकर परिवार सहित इलाहाबाद जाकर रहने लगे। मौजूदा समय में उसके घर में ताला बंद है। बताते हैं कि पुलिस के दबिश देने से परिवार के लोग परेशान रहते थे।