जिला अस्पताल से रिटायर्ड डॉक्टर विनोद सिंह के भाई सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर पीके सिंह को बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर दिया। उन्हें जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। यहां एंबुलेंस के लिए उनके घर के लोग काफी देर परेशान रहे। जिला अस्पताल के सीएमएस से कई बार एंबुलेंस की मांग की गई, मगर उन्होंने उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर दिए। डॉक्टर विनोद सिंह प्राइवेट एंबुलेंस की व्यवस्था करके भाई को इलाहाबाद लेकर चले गए।
अमेठी सीएचसी के अधीक्षक डॉक्टर पीके सिंह अपने पैतृक गांव से लोैट रहे थे और चिलिबिला पावर हाऊस रेलवे फाटक के पास गाड़ी से उतर कर दो मिनट किसी से फोन पर बात की। इसके बाद फिर गाड़ी में बैठ गए। उन्होंने किससे बात की, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है। वह गाड़ी से बाहर थे तो बदमाशों ने उन पर गोली नहीं चलाई। जैसे ही वह चालक के बगल वाली सीट पर बैठे कि उन्हें तीन गोलियां मार दी गईं। जबकि पीछे बैठे अवधेश और बगल में बैठे चालक मुगीश को गोली नहीं लगी। हमलावर गोली मारकर किस ओर फरार हो गए, यह बात चालक और अवधेश भी नहीं बता पा रहे हैं। इससे चिकित्साधिकारी के परिजनों के साथ पुलिसकर्मी भी परेशान हैं।
अमेठी के सीएचसी अधीक्षक पीके सिंह को गोली मार कर छलनी किए जाने के बाद जिला अस्पताल में पहुंची पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी। कोतवाली पुलिस ने चिकित्सक के चालक को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। चालक बार-बार गुमराह करके अलग-अलग बयान दे रहा है।