बीबीपुर गांव के करीब पंद्रह फिट नहर कट जाने से तीन गांव के सैकड़ों किसानों की धान की कटी फसल बह गई। इसके अलावा हजारों एकड़ बोई हुई फसल जलमगभन हो गई। पानी घरों में घुस गया। आरोप है कि नहर विभाग का कोई अधिकारी देर शाम तक मौके पर नही पहुंचा था। देर शाम तक नहर को बांधने का काम जारी था।
गुरुवार रात बीबीपुर गांव के करीब पंद्रह फिट के आसपास बड़ी नहर कट जाने से बीबीपुर, दशरथपुर, कोहरांव, पहलमापुर समेत तमाम आसपास के गांव में तबाही का मंजर था। कई किसानों ने धान की फसल काटकर खेत में छोड़ रखी थी। नहर के पानी के साथ उनकी फसल भी बह गई। जबकि जिन किसानों ने गेहूं, मटर व सरसों बो रखी थी, उनके खेतों में घुटने भर पानी भर गया था।
किसान नहर विभाग के अधिकारियों से लेकर तहसील प्रशासन के अधिकारियों तक गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। दोपहर में एसडीएम कपिलदेव यादव कर्मचारियों के साथ पहुंचे। तब जाकर कहीं काम शुरू हो सका। नहर विभाग की अनदेखी को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चौबीस घंटे के अंदर बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग प्रशासन व शासन से की है।