मतगणना में पारदर्शिता बरतने के लिए जिला प्रशासन ने यह व्यवस्था दी है कि एक ग्राम पंचायत के मतों की गणना के लिए जितने टेबल लगेंगी, एक प्रत्याशी के उतने ही अभिकर्ता बनाए जाएंगे। सुबह सात बजे से होने वाली मतगणना के लिए मजिस्ट्रेट और कर्मचारियों को सुबह छह बजे पहुंचना होगा।
जिले के 17 ब्लाकों में 1255 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए हुए चुनाव की मतगणना रविवार को सुबह सात बजे से होगी। मतगणना में पूरी तरह पारदर्शिता बरतने के लिए अभिकर्ता बनाने की कवायद तेज कर दी गई है, वहीं जल्दी परिणाम घोषित करने के लिए अधिक-अधिक टेबल लगाई गई है। मतगणना प्रभारी सीआरओ रामसिंह वर्मा ने बताया कि एक ग्राम पंचायत के मतों की गणना के लिए जितनी टेबल लगेंगी, उतनी ही संख्या में प्रत्याशियों के अभिकर्ता होंगे। उदाहरण के लिए अगर कोई ग्राम पंचायत बड़ी है और उसमें चार बूथ है, और चारों बूथों की गणना एक साथ हो रही है, तो एक प्रत्याशी के चार अभिकर्ता बनेंगे।
अर्थात प्रत्येक प्रत्याशी का एक अभिकर्ता टेबिल पर जमा रहेगा। उन्होंने सभी निर्वाचन अधिकारियों को हिदायत दी है कि अभिकर्ता बनाने में किसी प्रत्याशी को परेशान न किया जाए। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति भी स्वयं या किसी समर्थक को अभिकर्ता बना सकता है। मगर उन्होंने प्रत्याशियों से साफ कहा है कि लालकार्ड धारक और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कतई अभिकर्ता न बनाएं।