उप डाकघर पट्टी में एजेंटों द्वारा आरडी के खाताधारकों की लाखों की रकम अपने पास रखने का मामला विभाग ने भी संज्ञान लिया है। मामले की जांच प्रवर डाक अधीक्षक ने एसडीआई को सौंपी। उनकी जांच में गड़बड़ी पाई गई। उन्हाेंने जांच के दौरान गड़बड़ पाई गईं चालीस पासबुक को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
उपडाक घर पट्टी की शाखा सीबीएस होने पर आरडी के खाताधारकों के लगभग पच्चीस-तीस लाख रुपये एजेंटों द्वारा अपने पास रखने तथा उसे विभाग में न जमा करने का मामला तूल पकड़ रहा है। मामले की खबर छपते ही प्रवर डाक अधीक्षक ने एसडीआई को जांच के लिए पट्टी भेज दिया। इस दौरान उन्होंने खाताधारकों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। चालीस पासबुक मेें प्रथम दृष्टया गड़बड़ी सामने आई है।
उसे अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। खाताधारकों की शिकायत व मामले की जांच ने एजेंटों के भी होश उड़ा रखे हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग के लोग मुंह खोलने को तैयार नहीं हो रहे हैं। उपभोक्ताओं के पैसे का निजी इस्तेमाल एजेंटों द्वारा किया जाना गलत है। शुक्रवार को भी खाताधारक अपनी जमा रकम को लेकर डाक घर पर इधर उधर पूछताछ करते नजर आए। इस बाबत पूछे जाने पर उप डाकपाल संतोष कुमार सरोज ने बताया कि शाखा के सीबीएस होने पर यह गड़बड़ी सामने आई है। पास बुक फीडिंग के दौरान यह मामला पकड़ में आया तो विभाग मामले की छानबीन में जुट गया है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।