पंचायत चुनाव के दौरान देवसरा इलाके के सेमराडीह बूथ पर फर्जी मत डालने को लेकर हुए विवाद में फायरिंग से घायल युवक की पांचवें दिन मौत हो गई। उसका शव गांव आने की सूचना पर प्रशासन खासा सतर्क रहा। इस दौरान डीएम, एसपी, एएसपी समेत भारी मात्रा में पुलिस बल गांव में मौजूद रहा। परिजन शव आने पर उसे लेकर अंतिम संस्कार को रवाना हो गए।
प्रधान पद के प्रथम चरण के मतदान के दिन देवसरा इलाके के सेमराडीह बूथ पर फर्जी मत डालने को लेकर दो गुटों में विवाद के बाद मारपीट व तोड़फोड़ हो गई थी। इस बीच मामला तूल पकड़ने पर फायरिंग भी की गई थी। गोली लगने से अशोक कुमार यादव (30) पुत्र दयाशंकर की पांचवें दिन इलाज के दौरान इलाहाबाद में मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। परिजन शव लेकर गांव की ओर रवाना हुए तो सूचना प्रशासन को मिल गई।
गांव में फैले तनाव के मद्देनजर एहतियात के तौर पर डीएम अमृत त्रिपाठी, एसपी सुनील कुमार सक्सेना, एएसपी, सीओ पट्टी के अलावा पट्टी, कंधई, अंतू व देवसरा की पुलिस समेत डेढ़ सेक्शन पीएसी मौके पर आ पहुंची। गांव में फोर्स तैनाती के कारण शव पहुंचने पर परिजन उसे जल्द ही लेकर अंतिम संस्कार को रवाना हो गए। मौके पर सपा नेता विजय यादव, पूर्व प्रमुख सभापति यादव समेत तमाम आसपास के राजनैतिक लोग भी जुटे हुए थे।
शव के निकल जाने के पश्चात प्रशासन ने राहत की सांस ली और वहां पहुंचे तमाम अधिकारी व पुलिस बल लौट गया। इस मामले में पूर्व में ही फायरिंग व हत्या के प्रयास का मामला तीन के विरुद्ध दर्ज किया जा चुका है। जिसकी जांच आसपुर देवसरा पुलिस कर रही है।