कंधई थाना क्षेत्र के पड़री जबर गांव में शनिवार को मतदान के बाद हुई मारपीट में घायल एजेंट की रात में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी भनक आलाधिकारियों को लगी तो पड़री जबर गांव में पीएसी, पैरामिलेट्री के साथ कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई। रात में ही शव का पोस्टमार्टम भी करवा दिया गया।
एजेंट का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया।
पड़री जबर गांव निवासी मुश्ताक अहमद (38) पुत्र अकबालुद्दीन ग्राम पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान प्रधान पद के प्रत्याशी साकिर अली का एजेंट था। मुश्ताक के परिजनों का आरोप है कि विपक्षी प्रधान पद का प्रत्याशी महिपत सरोज फर्जी वोटिंग करवा रहा था। मुश्ताक इसका विरोध किया।
मतदान खत्म होने के बाद जब वह घर जा रहा था तभी रास्ते में उसे रोककर बेरहेमी से पिटाई की गई। इससे उसकी मौत हो गई। इससे पूरे गांव में तनाव फैल गया। खबर मिलते ही आलाधिकारी पड़री जबर गांव पहुंच गए। पोस्टमार्टम कराने के लिए फोर्स भेजा गई। देर रात पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिसकर्मियों शव को लेकर गांव पहुंचे।
शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में तनाव फैलता देख कर पीएसी, पैरामिलेट्री के साथ कई थानों की पुलिस को तैनात कर दिया गया। रविवार की शाम गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में मृतक के बड़े भाई गुलखिताब ने थाने में तहरीर देकर प्रधान पद के प्रत्याशी महिपत, संजय, महाजन, दीपक समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।