ग्राम प्रधान बनने के लिए प्रत्याशी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। नंबर दो की शराब 20 से 25 रुपये शीशी खरीद कर युवाओं के बीच में परोस रहे हैं। दारू पीने वाले युवा नशे में धुत होने के बाद रात-रात भर प्रत्याशी के साथ गांव में घूमकर प्रचार कर रहे हैं। खुलेआम बंट रही नंबर दो की दारू की ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान व सदस्य का चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है वैसे-वैसे प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। सुबह होते ही प्रत्याशी लोगों से मिलना, नमस्कारी व पैर छूना शुरू कर देते हैं। इसके बाद वह गांव की चाय-पान की दुकानों पर अपने दो लोगों को बैठाकर मतदाताओं की टोह लेते हैं।
दोपहर तक पता कर लेते हैं कि कौन मतदाता किस खेमे में जा रहा है। शाम होते ही 20 से 25 रुपये शीशी मिलने वाली नम्बर दो की शराब खरीद कर मतदाताओं के बीच परोसवाना शुरू कर देते हैं। शराब पीने के आदी लोग अपनी जान हथेली पर रखकर नशे का शौक पूरा कर रहे हैं। शराब के नशे में धुत होकर विपक्षियों की बुराई और शराब पिलने वाले प्रत्याशी का प्रचार करना शुरू कर देते हैं।