कुंडा। गांव में कल्पना का शव पहुंचा तो हर व्यक्ति की आखें नम हो गईं। यही नहीं महिलाएं उसके व्यवहार के साथ ही काम को यादकर बिलख रही थीं। उनकी जुबान पर एक ही बात थी कि अगर घरवाले उसकी पढ़ाई न कराते तो उसकी जान न जाती।
गांव में कल्पना की अच्छी छवि थी। वह पढ़ाई के साथ ही घर के काम में भी हाथ बंटा लेती थी। गांव में खेती बारी के कामों में भी दूसरे लोगों का हाथ बंटाती थी। इससे गांव के लोग उसे बहुत चाहते थे। उसकी मौत पर गांव की हर महिला जुट गई थी। यही नहीं हर कोई उसे मारने वाले को कोस रहा था। इसके साथ ही रोने के दौरान महिलाओं का कहना था कि अगर वह स्कूल या कोचिंग न जाती तो उसकी मौत न होती। यही चर्चा गांव में भी है कि बच्चियों को स्कूल भेजना ही गड़बड़ है। जगह-जगह उनके रास्ते में शोहदे खड़े ही मिलते हैं। वह किस-किस से लड़ पाएंगी।
घटना के समय हुई मारपीट की दूसरी रिपोर्ट भी आरोपियों के खिलाफ दर्ज हो गई है। छेड़छाड़ का विरोध करने पर बाइक चढ़ाने वाले सीटू पर तो 302 के साथ ही पाक्सो एक्ट और छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके साथ ही उसे छुड़ाने के लिए उसके पिता सूबेदार और चाचा समेत दो अन्य अज्ञात के खिलाफ मारपीट के साथ ही जान से मारने की धमकी और गालीगलौज करने की भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसमें उसके चाचा के साथ ही उसके पिता भी हिरासत में हैं। सीटू के भी गिरफ्तार होने की चर्चा है, लेकिन एसओ मानिकपुर प्रमेंद्र सिंह इससे इनकार कर रहे हैं।