पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे जिला प्रशासन के आदेश को दरकिनार कर बीएलओ मनमानी कर रहे हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य अभी तक गांवों में प्रारंभ नहीं हो सका है। अधिकांश गांवों में स्थानीय बीएलओ हैं। उनके परिवार के लोग भी प्रधान व बीडीसी सदस्य पद के संभावित उम्मीदवार हैं। ऐसे में वे मनमानी करने पर तुले हैं। इससे राज्य निर्वाचन आयोग की मंशा पर पानी फिरने की आशंका जताई जा रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर भले ही कागजों पर पंचायत चुनाव की तैयारियां जोर शोर से चल रही हों, लेकिन मतदाता पुनरीक्षण कार्य में बीएलओ मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। आयोग के आदेश पर इस माह के प्रारंभ से ही बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण करना था। अधिकारियों ने इसके लिए बैठक कर सभी बीएलओ को निर्देश दिया था। अफसरों के आदेश के बाद भी बीएलओ मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य लोगों के घरों पर जाकर करने के बजाय अपने घरों में ही बैठकर कर रहे हैं।
बहुत से स्थानों पर बीएलओ द्वारा प्रधान के पक्ष में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य करने की बात सामने आ रही है। उन बीएलओ ने दूसरे प्रत्याशियों के सामने समस्या खड़ा कर दी है। जिसके परिवार के लोग भी संभावित प्रत्याशी हैं और चुनाव की तैयारी में लगे हुए हैं। लोगों का आरोप है कि ऐसे लोग अपनी मर्जी से मतदाता सूची बनवाएंगे। इस बाबत अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ल ने बताया कि यदि बीएलओ लोगों के घर जाकर पुनरीक्षण का कार्य नही कर रहे हैं तो औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। शिकायत मिलने पर ऐसे बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई होगी।