पट्टी के तीन दिवसीय ऐतिहासिक दशहरे मेले का शुभारंभ रविवार की सुबह दस बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। मेले के पहले दिन का आकर्षण भगवान राम की भव्य शोभायात्रा रही, जिसे दोपहर बाद पूरी साज सज्जा गाजे बाजे व हाथी घोड़े व रथ पर निकाला गया। नगर में भ्रमण के पश्चात शोभा यात्रा मेला परिसर में पहुंची, जहां भगवान राम के हाथों को रावण का वध हुआ।
तीन दिवसीय दशहरे मेले की शुरुआत तहसीलदार पट्टी महेन्द्र कुमार व पट्टी कोतवाल प्रभात यादव ने की। इसके पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार पंडित श्यामशंकर मिश्र द्वारा किया गया। दोपहर बाद भगवान राम की भव्य शोभा यात्रा नगर में निकाली गई। जिसमें रथ, हाथी घोड़े व बैंडबाजे के साथ रामलीला समिति के पदाधिकारी व पुलिस प्रशासन के लोग शामिल हुए। नगर की गलियों में भ्रमण के बाद यात्रा मेला परिसर में पहुंची जहां भगवान राम द्वारा औपचारिक रूप से तीर चलाकर रावण का वध किया गया।
पुतले में आग लगते ही पटाखे फूटे तो जय श्रीराम के नारे से परिसर गूंज उठा। तहसीलदार पट्टी महेन्द्र कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भगवान राम की आरती उतारी। रथयात्रा की शुरुआत में पूर्व मंत्री व भाजपा नेता मोती सिंह व उनके समर्थक भी शामिल हुए। इस मौके पर रामलीला समिति के पदाधिकारियों में अध्यक्ष केशव प्रसाद चौरसिया, महामंत्री कृष्ण कुमार शुक्ल, जुग्गी लाल, प्रबंधक कमला कांत पांडेय, डा. केएल विश्वकर्मा, अवधेश सिंह समेत तमाम पदाधिकारी शामिल रहे। रावण वध के दौरान मेला परिसर में मौजूद भीड़ इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी।