मोहर्रम की सातवीं का जुलूस बुधवार को बुर्राख संग निकाला गया। कदीमी रास्तों से चलते हुए ढोल ताशों के बीच गमगीन माहौल में लोग चौक पहुंचे। वहां फातिहा और मजलिस के बाद सभी अपने घरों को रवाना हो गए।
मोहर्रम की सातवीं पर जुलूस शहर में निकाला गया। अजीत नगर, सिप्तैन रोड, पल्टन बाजार, खुशखुशवापुर समेत अन्य स्थानों से ताजियादार गमगीन माहौल में डंका बजाते हुए जुलूस में शामिल हुए। बुर्राख, बड़ा अलम, लोको अखाड़ा भी जुलूस की शान बना। खुशखुशवापुर से मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष रज्जब अली की अगुवाई में निकला जुलूस हादीहाल होते हुए बाबागंज पहुंचा। पुराना मालगोदाम रोड के भी अखाड़ेबाज व अकीदतमंद जुलूस में शिरकत किए।
मजलिसों के बीच लोग नौहाखानी करते हुए या हुसैन या हसन की सदाएं बुलंद कर रहे थे। पंजाबी मार्केट से श्रीराम तिराहा और फिर चौक पर आकर जुलूस समाप्त हुआ। इस दौरान सुरक्षा के लिए शहर कोतवाल अनिल कुमार, चौकी प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ डटे रहे। पंडालों के पास जैसे ही जुलूस पहुंचता सुरक्षा घेरा संग लोग खुद भी नजर रखने लगते। खास बात यह देखने को मिल रही है कि मोहर्रम कमेटी के लोगों ने जुलूस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवा रखा है। अंजुमन आशिकाने रसूल के अध्यक्ष इरशाद सिद्दीकी ने बताया कि भरतमिलाप, दुर्गा पूजा को देखते हुए सावधानी बरती जा रही है। यदि कहीं भी गड़बड़ी दिखती है तो कमेटी के लोग तत्काल व्यवस्था संभालने पहुंचेंगे। इस मौके पर मिनहाज, मोहम्मद असफाक, इकबाल अहमद, मेराज खान, शकील अहमद, आबिद रजा, रिजवान, इजहार, गुड्डू, बरकत अली आदि मौजूद रहे।