जिले का ऐतिहासिक भरतमिलाप और मोहर्रम का पर्व एक दिन ही पड़ रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। साथ पड़ने वाले पर्व को लेकर अधिकारी खासे चिंतित हैं। इसके लिए पूरे शहर की किलेबंदी की प्रशासन ने रणनीति तैयार की है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात होगा और तीसरी आंख से सभी की हरकतों पर नजर रखी जाएगी।
दशहरे के तीसरे दिन जनपद में ऐतिहासिक भरतमिलाप होता है। रामलीला समिति इस कार्यक्रम को बेहतर बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ती। खास बात यह है कि भरतमिलाप के दिन ही मोहर्रम के दसवीं का जुलूस भी निकलेगा। इस बात से आला अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। कई चक्रों में मोहर्रम कमेटी और रामलीला समिति के पदाधिकारियों से वार्ता के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी। तय हुआ कि जनपद की कौमी एकता खंडित नहीं होने देंगे। इसके लिए वे लोग हरसंभव प्रयास करेंगे। इसके बावजूद प्रशासन अनहोनी की आशंका को लेकर हलाकान है। जिला प्रशासन भरतमिलाप और मोहर्रम के पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए अब नई रणनीति बना रहा है। वैसे तो पंचायत चुनाव कराने के लिए बाहर से पुलिस बल आया है।
इसके बाद भी गैरजनपद की पुलिस मेले में तैनात होगी। शहर को नौ सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ लगाए जाएंगे। ताकि किसी भी तरह की घटना न हो सके। हर उस स्थान पर पुलिस बल भारी संख्या में मुस्तैद रहेगा, जहां थोड़ा भी विवाद की आशंका है। भंगवा चुंगी से लेकर चिलबिला, मीराभवन, जेल रोड, चौक घंटाघर, निर्मल तिराहा, राजापाल चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात होगा। इतना ही नहीं प्रशासन 15 ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने जा रहा है जहां से शहर की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।