प्रशासन की लापरवाही से चौथे चरण के पंचायत चुनाव में गड़बड़ी की आशंका उत्पन्न हो गई है। तीसरे चरण के चुनाव में मतपेटिका जमा करने के बाद मतदानकर्मी कूड़े में मतपत्रों को फेंक भाग निकले। राहगीरों व छात्रों के हाथा पहुंचे मतपत्रों का 29 अक्तूबर को होने वाले चुनाव में दुरुपयोग होने की आशंका है।
लालगंज तहसील के चार ब्लाकों में तीसरे चरण के पंचायत चुनाव के दौरान मतदान हुआ। सत्रह अक्तूबर को मतदान के बाद रामपुर संग्रामगढ़ में पूरे छत्तू, सांगीपुर में गांधी इंटर कालेज, लालगंज में अवधेश विद्या निकेतन व लक्ष्मणपुर में गजाधर इंटर कालेज में अफरातफरी के बीच बचे मतपत्र व मतपेटिकाएं जमा कराई गईं। लेकिन प्रशासन की लापरवाही व मतदान कर्मियों की भागमभाग के चलते अब कुंडा तहसील में चौथे चरण के चुनाव में गड़बड़ी की आशंका पैदा हो गई है। चारों विकासखंडों में मतदान के बाद जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के बचे मतपत्र व फाड़कर अलग किए गए मतपत्र का बाकी हिस्सा कर्मचारी कूड़े की तरह छोड़कर चले गए। जबकि ऐसे मतपत्रों को मतगणना होने तक सील कर जमा करने का निर्देश दिया गया था।
सबसे अधिक मात्रा में गांधी इंटर कालेज सांगीपुर के स्ट्रांगरूम के समीप मतपत्र फेंके मिले। कूडे़ की तरह फेंके गए मतपत्र धीरे-धीरे छात्रों व राहगीरों के हाथ लग गए। मतपत्र पड़े होने के चलते उत्सुकता वश कई तो इसे घर लेकर भी चले गए। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि यह मतपत्र 29 अक्तूबर को कुंडा तहसील में होने वाले चुनाव के दौरान किसी तरह से वहां के लोगों तक पहुंच गए तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव है। चर्चा है कि वहां के मतदाताओं के हाथ मतपत्र लग गया तो वह पोलिंग बूथ के अंदर जाकर जो मतपत्र मिलेगा उसके साथ इन मतपत्रों पर भी मुहर लगाकर मतदान पेटिका में डाल सकता है। सबसे खास बात तो यह है कि जहां मतपेटिका जमा करने के लिए स्ट्रांगरूम बनाया गया है यह मतपत्र वहीं चारों ओर बिखरे पड़े थे।