दिल्ली से प्रतापगढ़ आ रही पद्मावत एक्सप्रेस के पार्सल यान में बंडल फाड़कर चोरों ने हजारों रुपये का मोजा गायब कर दिया। रास्ते में इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। प्रतापगढ़ में जब यान खोला गया तो बंडल फटा मिला। उसमें रखा मोजा गायब था। इसकी कीमत करीब पचास रुपए आंकी गई है। इस घटना से व्यापारी के होश उड़ गए। पार्सल कर्मियों ने इस घटना को पचा लिया। कहीं किसी को बताने की जरूरत नहीं समझी। आरपीएफ ने भी चोरी का मुकदमा नहीं लिखा।
पद्मावत एक्सप्रेस के पार्सल यान से माल की चोरी की घटना नयी नहीं हैं। गुुरुवार को चोरों ने एक बार फिर हाथ साफ कर दिया। इंजन के पीछे पार्सल यान और गार्ड का डिब्बा जुड़ा रहता है। चूंकि गार्ड इसमें रहता नहीं हैं। ऐसे में डिब्बा खाली देखकर कोई भी इसमें बैठ जाता है। गुरुवार को दिल्ली से प्रतापगढ़ आ रही पद्मावत एक्सप्रेस के इसी पार्सल यान में लोड किया गया हजारों का मोजा लेकर चोर रास्ते में ही चंपत हो गए। गार्ड की बोगी के अंदर घुसे चोर पार्सल यान पर निगरानी रखने के लिए लगी खिड़की के शीशे को खोल लिया। उसके बाद पार्सल यान में हाथ डालकर मोजे का बंडल खींचकर फाड़ डाला और उसमें से मोजे गायब कर दिए। मजे की बात यह है कि ट्रेन दिल्ली से चलकर प्रतापगढ़ आ गई।
बीच में इस घटना की भनक तक किसी को नहीं लग पाई। प्रतापगढ़ में पार्सल यान से माल उतारने के लिए चढ़े लेबरों ने जब बंडल फटा और मोजे गायब देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने इसकी सूचना रानीगंज के व्यापारी सोनू को दी। सोनू ने इसकी सूचना आरपीएफ को दी। पता चला है कि आरपीएफ ने माल चोरी का मुकदमा दर्ज नहीं किया। माल से संबंधित लिखा-पढ़ी को जो कागज था वह भी संदिग्ध था। इसलिए पार्सल कर्मियों और आरपीएफ के लोगों ने इससे पल्ला झाड़ लिया। पार्सल कर्मी और आरपीएफ वालों ने इस घटना से इंकार किया। चर्चा है कि सेल टैक्स की चोरी से बचने के लिए व्यापारी, पार्सल कर्मी और आरपीएफ वाले मिलकर इस तरह के माल को किनारे लगाते हैं। इसके एवज में व्यापारी से उनको अच्छा पैसा मिल जाता है।