सई नदी पुल पर सोमवार को एक ट्रक के फंसने से भीषण जाम लग गया। तीन घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। जाम में फंसीं एंबुलेंस के मरीजों को दूसरे वाहनों से अस्पताल लाया गया। जाम का असर शहर में भी रहा। चौक, सदर बाजार और बाजारों में जाम की स्थिति बनी रही। धूप और गर्मी से यात्री बेहाल रहे।
दोपहर को चिलबिला की ओर रेता लादकर जा रहा एक ट्रक पुल के बीचोंबीच खराब हो गया। इससे लंबा जाम लग गया। चिलबिला रेलवे फाटक से चौक घंटाघर तक वाहनों की कतार लग गई। दोनों ओर से वाहनों की भीड़ से पैदल चलना मुश्किल हो गया। तीन घंटे तक यह स्थिति बनी रही। उसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। जाम के चलते सदर बाजार चौराहा, चौक घंटाघर भी वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
चिलबिला चौकी पुलिस ने जाम की सूचना कोतवाल को दी। इस पर जाम खुलवाने के लिए चीता मोबाइल की टीम पहुंची, मगर सफलता नहीं मिली। भीड़ के सामने उनकी एक न चली। बाद में कोतवाल ने ट्रैफिक पुलिस की मदद ली। मरीजों को लेकर अस्पताल आ रहीं एंबुलेंस भी जाम का शिकार हुईं। जाम में फंसे मरीजों को तीमारदार कंधे पर उठाकर ले गए। बाद में प्राइवेट वाहन की मदद से अस्पताल पहुंचे। तब जाकर मरीजों की हालत में सुधार आया।
पंजाबी मार्केट और चौक से कचहरी रोड पर लंबा जाम लगा तो नगरवासियों को सड़क के बीच बने वाहन स्टैंड की याद आ गई। जो मौजूदा समय में नहीं था। शहरियों का कहना है कि सड़क के बीच स्टैंड बनने से लोगों को आने-जाने में सहूलियत होती थी। जाम नहीं लगता था। चारपहिया वाहनों के अंदर घुसने पर पाबंदी थी। लोगों ने जिला प्रशासन से दोबारा वाहन स्टैंड बनाए जाने की मांग की है।