बुधवार को आठवें दिन भी नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे और नारेबाजी करते रहे। ऐसे में शहर में आठ दिन के भीतर कूड़े का ढेर लग चुका है। शहर में करीब डेढ़ सौ टन कूड़ा डंप है। हालात दिनोंदिन खराब होते जा रहे हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि सफाई कर्मियों की हड़ताल को मात्र आठ दिन हुए हैं, लेकिन लगने लगा है कि शहर की सूरत लंबे समय से बदसूरत है। हर तरफ गंदगी, कूड़े और कचरे के ढेर।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 25 वार्ड आते हैं। दो सितंबर से सफाई कर्मचारी अपनी वेतन में वृद्धि को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे पूरे शहर में हर ओर गंदगी का साम्राज्य कायम हो गया है। शहर में रोजाना करीब 10 टन कूड़ा निकलता है, मगर आठ टन से अधिक कूड़ा नहीं उठ पाता है। ऐसे में आठ दिन से हड़ताल के चलते कूड़ा उठना बिल्कुल बंद हो गया है। जिससे अंदाजन पूरे शहर में करीब डेढ़ सौ टन कूड़ा डंप है।
शहर की सड़कें, गलियां, मोहल्ले ही नहीं बल्कि सरकारी कार्यालय, नगर पालिका परिसर, कलक्ट्रेट समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अब तो खड़ा होना भी दुश्वार हो रहा है। नगर पालिका के प्रभारी ईओ का काम देख रहे ऋषिपाल के मुताबिक शहर में प्रतिदिन 10 टन कूड़ा निकलता है। जिसे चिलबिला के जंगल के करीब बने डंपिग प्वाइंट पर डंप किया जाता था।