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बिजली अफसरों की घटिया कार्यप्रणाली उजागर

Thu, 26 Mar 2015 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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विद्युत अफसरों की घटिया कार्यप्रणाली बुधवार रात बेनकाब हो गई। बेल्हा देवी इलाका सहित आधे शहर में 60 घंटे से बिजली व पानी के लिए हाहाकार की जड़ सीधे वे ही थे। रात करीब 11 बजे सड़क पर लोग हंगामा करने लगे। बवाल और बढ़ता इसके पहले तीन दिन से बनी समस्या करीब 15 मिनट में समाप्त हो गई। दरअसल बड़ा फाल्ट था ही नहीं, सिर्फ अधिकारी ही काम चोरी कर रहे थे। नाराज डीएम ने कहा है कि बिजली की वजह से कानून व्यवस्था बिगड़ी तो वह जेई, एसडीओ व ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
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विभाग के ठेकेदार ने लाइन बिछाने के लिए सोमवार को विद्युत तार उतार दिया और शाम तक अधूरा काम छोड़ चला गया। विद्युत तार न जुड़ने से आपूर्ति ठप हुई। बिजली के अभाव में जल संकट गहरा गया। शिवपुरी, बेल्हादेवी क्षेत्र, तेलिया चौराहा, सदर चौराहा, चौक इलाके के हजारों लोग पानी और बिजली के लिए तरस गए। दूसरे दिन विभाग के अफसरों का तर्क था कि ट्रांसफार्मर फुंक गया वे इंतजाम कर रहे हैं। लगातार 60 घंटे तक आधे शहर के लोग बिजली पानी के लिए तड़पते रहे। हालात यह था कि लोगों को बोतल का पानी खरीद कर पीना पड़ा। समस्या से आजिज लोगों ने बुधवार रात सड़क पर उतर पड़े।

जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ते देख मौके पर कोतवाल पहुंचे। बिगड़ती स्थिति को बताते हुए उन्होंने विद्युत जेई को मौके पर बुलाया। मगर वह वहां पहुंचने से कतराते रहे। कोतवाल ने जब चेताया कि बवाल होने पर वही लोग जिम्मेदार होंगे तो जेई मौके पर पहुंचा और 10 से 15 मिनट में विद्युत आपूर्ति चालू हो गई। लोगों को पानी मिलने लगा। मतलब यह कि विभाग कुछ करना ही नहीं चाह रहा था। बाकी समस्या इतनी बड़ी नहीं थी कि लोगों को 60 घंटे ‘तीन दिन’ तक पानी बिजली को तरसना पड़े।
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