अवध विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर (कुलपति) प्रो. जीसीआर जायसवाल ने एमडीपीजी कॉलेज में गड़बड़ी देख जहां जिम्मेदारों को फटकार लगाई, वहीं नकल मुक्त परीक्षा कराने की सराहना भी की। गुरुवार को उनके अचानक पहुंचने पर कॉलेज में हड़कंप मच गया। कुलपति के आने की खबर सुन पहुंचे प्राचार्य डॉ. एएन त्रिपाठी ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया।
शहर के एमडीपीजी कॉलेज में इन दिनों परास्नातक कक्षाओं की परीक्षा चल रही है। गुरुवार की सुबह करीब 10.30 बजे वाइस चांसलर बगैर बताए कॉलेज पहुंचे। उनके पहुंचते ही कॉलेज में हड़कंप मच गया। सभी कर्मचारी व शिक्षक आवभगत में दौड़ पड़े। बगैर रुके वाइस चांसलर कक्षा कक्ष संख्या पांच में पहुंचे। उन्होंने पाया कि कमरे में करीब 80 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। सभी गर्मी से काफी परेशान हैं। यह देख उनका पारा चढ़ गया। उन्होनें सवाल किया कि जब दर्जनों कमरें खाली हैं तो एक साथ इतने परीक्षार्थियों गर्मी में एक साथ बैठाने की क्या जरूरत है? उनके इस प्रश्न पर सब की घिग्घी बंध गई। इसके बाद उन्होंने पड़ताल करना शुरू किया तो चौंकाने वाली स्थिति मिली। उन्होंने पाया कि कक्ष निरीक्षक के रूम में एक बाबू की ड्यूटी लगाई गई है।
यह देखते ही वह आग बबूला हो गए। प्राचार्य से सवाल किया कि शिक्षक कहां गए जो बाबुओं की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक में लगाई गई है। किसी तरह प्राचार्य ने उन्हें संतुष्ट किया। कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी कर रहे एक शिक्षक से उन्होंने उसे मिलने वाले मानदेय के बारे में पूछा। इस तरह वे निरीक्षण करते रहे और जिम्मेदाराें को फटकार लगाते रहे। जाते-जाते उन्होंने कॉलेज में नकल मुक्त परीक्षा की सराहना की। कहा कि हमारा ध्येय नकल विहीन परीक्षा कराना है, जिसमें कॉलेज का काम सराहनीय है। यह कहते हुए वे इलाहाबाद की तरफ चले गए।