त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे लोग अभी से शराब डंप करने लगे हैं। इससे ग्रामीण इलाके में कच्ची शराब की ब्रिकी बढ़ गई है। इसकी जानकारी के बाद भी आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबारियों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है और न ही कच्ची शराब की धधक रहीं भट्ठियों को बंद कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही शराब के कारोबार में हर दिन इजाफा हो रहा रहा है। देसी, अंग्रेजी के साथ ही कच्ची शराब का जलवा दिखने लगा है। जिले के महेशगंज, जेठवारा, बाघराय, लालगंज, सांगीपुर, उदयपुर, नगर कोतवाली, फतनपुर, संग्रामगढ़ में अवैध शराब का कारोबार चरम पर है। इसके अलावा कच्ची शराब की भट्ठी दिन रात गांवों में सुलग रही है। लालगंज, कुंडा, सदर व नगर सर्किल में कच्ची शराब बनाने का काम तेजी से चल रहा है। लोग आबकारी विभाग और पुलिस से शिकायत करते हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है। इससे शराब तस्करों का हौसला बुलंद हैं और वे अपनी जेब भरने के लिए दूसरे प्रांतों की शराब भी खुलेआम बेच रहे हैं। इस बाबत जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि शिकायत मिलने पर छानबीन की जाती है। कच्ची शराब बनाने वालों के लिए छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक एक भी शराब तस्करी से जुड़े लोग आबकारी विभाग के हाथ नहीं लग सके।