पट्टी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े लौवार पावर हाउस में मोबाइल फोन की सुविधा न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां विद्युत समस्या आने के बाद लाइन कटने को लेकर कोई विभागीय नंबर नहीं दिया गया है। इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारी बेपरवाह हैं।
पट्टी तहसील क्षेत्र के गांवों में बिजली के अधिक लोड के चलते लौवार में एक पावर हाउस का निर्माण कर वहां से पट्टी देहात की बिजली सप्लाई का कार्य शुरू किया गया। अब बिजली की आपूर्ति वहां से कर फीडर अलग कर दिया गया। अब पट्टी पावर हाउस से बिजली आपूर्ति व कटौती, फाल्ट की बाबत कोई जानकारी नहीं मिलती है। वहां से सीधे कहा जाता है कि आप लौवार पावर हाउस से जानकारी करें। अब प्रश्र यह उठता है कि लौवार पावर हाउस का कोई नंबर ही नहीं है तो जानकारी कहां से मिले। इतना ही नहीं जब कोई विद्युत फाल्ट होता है तो नंबर न होने के कारण लोग अपनी परेशानी भी नहीं बता पाते हैं।
हैरानी की बात यह है कि अगर कहीं तार टूट जाए या आग लग जाए तो लौवार पावर हाउस का कोई नंबर ही नहीं है। ऐसे में कोई बड़ी घटना घट सकती है। इस बारे में अधिकारी पूरी तरह से बेपरवाह हैं। प्राइवेट लाइनमैन के सहारे इस विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों की विद्युत आपूर्ति चल रही है। विभाग के लाइनमैन की नियुक्ति यहां हुई है या नहीं, यह बताने वाला कोई नहीं है।
लौवार पावरहाउस का कोई सीयूजी या प्राइवेट नंबर उपभोक्ताओं को नहीं पता है और नही विभाग इसको लेकर गंभीर है। इस समस्या के बारे में जेई एएन यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लौवार पावर हाउस के निर्माण होने के बाद सीयूजी नंबर के लिए उन्होंने विभाग को पत्र दिया था, लेकिन अभी तक नंबर नहीं मिल सका है। विभाग को रिमाइंडर भेजा जाएगा। यहां की समस्या वाकई गंभीर है।