जिला अस्पताल के मेेडिकल वार्ड में भर्ती डायरिया पीड़ित अधेड़ की बुधवार को मौत हो गई। इस पर वहां परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। उनका आरोप था कि डाक्टरों की इलाज में लापरवाही से उसकी जान गई है।
नगर कोतवाली के सिविल लाइंस दहिलामऊ निवासी हीरालाल (50) को दो दिन पहले डायरिया हो गया था। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल गए। उनका आरोप था कि ओपीडी में एमआर ने उसे देखा और बाहर की दवा लिखकर घर भेज दिया। बुधवार को हीरालाल की हालत गंभीर होने पर घरवाले उसे फिर अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत नाजुक देखकर चिकित्सकों ने उसे मेडिकल वार्ड में भर्ती करा दिया।
लेकिन इसके बाद न तो कोई डाक्टर उसे देखने गया और न ही कोई स्टाफ नर्स। तीन घंटे तक चले इलाज के बाद हीरालाल की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसकी शिकायत डीएम से करने की बात कहते हुए शव लेकर घर चले गए। सीएमएस आरडी द्विवेदी ने बताया कि हीरालाल को पेट में दिक्कत थी। एक बजे भर्ती हुआ और तीन बजे के करीब उसकी मौत हो गई। इसके इलाज में लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है। उधर, बुधवार को मेडिकल और चिल्ड्रेन वार्ड में कुल 37 डायरिया से पीड़ित लोगों को भर्ती कराया गया।