जेठ ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को इस मौसम में पारा अपने उच्च स्तर पर रहा। तापमान 42 डिग्री सेल्यिस के पार हो गया। गर्मी से लोग बेहाल रहे। धूप में निकले लोगों को चक्कर आने लगा। कई लोग तो सड़कों पर गश खाकर गिर पड़े। हालत यह रही कि शाम पांच बजे तक लोगों को गर्म हवाओं से जूझना पड़ा। दोपहर में लू के थपेड़ों ने चेहरे और शरीर को झुलसा दिया।
बुधवार को सुबह से ही धूप चटख होने लगी।11 बजे लगा कि आसमान से आग बरस रही है। दोपहर तक तापमान इतना बढ़ गया कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया। धूप में निकले लोगों को चक्कर आने लगा। कई तो गश खाकर सड़क पर गिर पड़े । राहगीरों ने उनको पकड़कर बैठाया। गर्मी में दिनभर बिजली नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई। लोगों का खाना खाना भी मुश्किल हो गया। ट्रेनों और बसों में सफर कर रहे यात्रियों की हालत खस्ता थी। लोग पसीने से तर-बतर दिखे। अधिकतम पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
दिनभर गुल रही बिजली ने गर्मी से बेहाल लोगों के लिए कोढ़ में खाज का काम किया। गर्मी से परेशान लोग घर पहुंचे तो पता चला कि बिजली गुल है। इसने लोगों की परेशानी और बढ़ गई। अस्पताल में मरीज और स्कूल में बच्चे बिना लाइट के रहे। लोग धूप से बचने के लिए पेड़ों की छांव तलाशते रहे। गरमी से पशु-पक्षी भी बेहाल रहे।