इमला लिखते समय बच्चे ने दूसरी तरफ देखा तो शिक्षक ने गुस्से में आकर उसका ऐंठ दिया। इससे उसका हाथ टूट गया। जब वह चिल्लाया तो शिक्षक को अपनी गलती का एहसास हुआ। बालक रोते हुए घर पहुंचा और मां को घटना की जानकारी दी। शिक्षक भी उसके घर पहुंचा और गलती मानते हुए इलाज कराने की बात कही। बाद में शिक्षक अपनी बात से मुकरे तो महिला ने थाने में तहरीर दे दी। पट्टी कोतवाली क्षेत्र के मोलनापुर गांव निवासी सीता देवी के पति रमेश विश्वकर्मा की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। वह किसी तरह से कामकाज करके अपना गुजारा करती है। उसका बेटा हिमांशु (12) पुत्र रमेश विश्वकर्मा गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा सात का छात्र है।
बीत शनिवार को वह पढने गया था। पढने के दौरान अध्यापक लक्ष्मीनारायण पाल इमला बोल रहे थे। उसने इमला लिखने दौरान दूसरी तरफ देखा तो शिक्षक ने उसका हाथ पकड़कर ऐंठ दिया। वह जोर से चिल्लाया तो अध्यापक ने उसका हाथ छोड़ दिया। बालक भागता हुआ घर पहुंचा और घटना की जानकारी अपनी मां को दी। थोड़ी ही देर में गलती का एहसास होते ही अध्यापक भी उसके घर पहुंच गया। उसने गलती मानते हुए उसके इलाज का खर्चा उठाने की बात कही। शनिवार के बाद रविवार का दिन चला गया और सोमवार को अध्यापक ने छुट्टी ले ली। उनकी उदासीनता देखकर सीता देवी ने पट्टी कोतवाली पहुंचकर उनके खिलाफ तहरीर दे दी। देर शाम पट्टी कोतवाल ने बच्चे को मेडिकल के लिए भेज दिया। इस बारे में कोतवाल प्रभात यादव का कहना है कि तहरीर मिली है। बच्चे का मेडिकल कराया जा रहा है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। उधर, अध्यापक लक्ष्मीनारायण पाल का कहना है कि उसे इस बात की जानकारी ही नहीं है।