सर्किल रेट बढ़ाने में मनमानी करने वाले अफसरों पर जनता की आवाज भारी पड़ी है। 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की योजना बीस प्रतिशत में ही सिमट कर रह गई। नया सर्किल रेट शनिवार से जिले में लागू हो गया। प्रतिवर्ष नए सिरे से निर्धारित होने वाले सर्किल रेट में इस वर्ष 30-35 प्रतिशत इजाफा करने की रणनीति बनाई गई थी। मगर तहसीलों से प्राप्त आपत्तियों को निस्तारित करने में स्टांप विभाग को पसीना छूट गया। पट्टी तहसील के ओझला गांव के निवासी राजकुमार सिंह का आरोप था कि उनके गांव का सर्किल रेट शहर के सर्किल रेट से भी अधिक है।
स्टांप विभाग की जांच में मामला सही मिलने पर अधिकारी स्तब्ध रह गए। बताया जाता है कि कमोवेश कुंडा, लालगंज, रानीगंज और सदर से भी दर्जनों शिकायतें मिली। जनता के सवालों में उलझे अधिकारियों ने सर्किल रेट पर नए सिरे से विचार कर ग्रामीण इलाकों में दस प्रतिशत और शहरी इलाकों में 15-20 बीस सर्किल रेट का इजाफा किया। शनिवार यानी एक अगस्त से नया सर्किल रेट लागू हो गया। मगर रजिस्ट्री कार्यालयों में 31 जुलाई में स्टांप पेपर खरीद कर एक अगस्त को बैनामा किया गया। एआईजी स्टांप एसके त्रिपाठी ने बताया कि नया सर्किल रेट शनिवार से लागू हो गया है। उन्होंने शनिवार को रजिस्ट्री कार्यालय में हुए खेल की जांच कराकर दोषियों को दंडित करने को कहा है।