समाजवादी पेंशन में कैसा-कैसा खेल हो रहा है। यह बात आम आदमी की समझ में नहीं आ रही है। गड़वारा और चौरा ग्राम पंचायतों में अफसरों ने कुछ लोगों को अपात्र पाया था। विभाग ने एक तरफ अपात्रों को पेंशन की वसूली करने के लिए नोटिस भेजा है, तो दूसरी तरफ खाते में पेंशन की दूसरी किस्त के रूप में 1500-1500 रुपये भी भेज दिए हैं। समाज कल्याण विभाग ने पेंशन बांटने में खूब मनमानी की है। संड़वा चंद्रिका विकास खंड के गड़वारा और चौरा ग्राम पंचायतों में पात्रों का नाम हटाकर अपात्रों को पेंशन देने की शिकायत गांव के लोगों ने अधिकारियों से की थी।
डीएम के निर्देश पर समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण सिंह स्वयं हकीकत खंगालने गांव पहुंच गए। उन्होंने अपनी जांच में गड़वारा में 11 और चौरा गांव में 12 अपात्र पाने पर पेंशन निरस्त कर रिकवरी करने की बात कही थी। जुलाई माह में विभाग से छह-छह हजार रुपये रिकवरी का नोटिस पहुंचते ही अपात्रों को सांप सूंघ गया। शुक्रवार को वह जब बैंक में अपना खाता देखने गए तो पता चला कि पेंशन की दूसरी किस्त के रूप में 1500-1500 रुपये आए हुए हैं। गड़वारा में इंद्रावती, आशा देवी, उर्मिला देवी, लखराजी, अफसराबानो, मानदेवी, मदीना बेगम, कृपाली, रानीदेवी, कलावती को अफसरों ने अपनी जांच में अपात्र पाया था। आश्चर्य की बात तो यह है कि जनता की आंख में धूल झोंक कर विभाग के कर्मचारी खेल कर रहे हैं। समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण सिंह ने बताया कि अपात्रों की पेंशन बंद की गई है। उन लोगों के खाते में पेंशन कैसे पहुंच गई। इस मामले की जांच कर जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी।