सांसद संगललाल गुप्ता ने जिले में पीएम आवास की मजदूरी मद में आई धनराशि का बंदरबाट करने का मामला लोकसभा में उठाया है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को पीएम आवास निर्माण की धनराशि तो दी गई, मगर मजदूरी के नाम जॉबकार्ड पर मिलने वाली धनराशि का जिले में बंदरबाट किया गया। शिकायत के बाद भी अफसर कार्रवाई के बजाए चुप्पी साधे हैं। उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से जांच कराने की मांग की।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के निर्माण के लिए 1,20,000 रुपये दिए जाते हैं। जबकि निर्माण में आने वाली मजदूरी की लागत भी अतिरिक्त रूप से मनरेगा के माध्यम से 15000 रुपये देने का प्रावधान किया गया है। जिले में कुछ ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास का पैसा तो सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया, मगर मजदूरी मद की धनराशि को फर्जी जॉब कार्डधारकों के खातों में ट्रांसफर करने के बाद बंदरबाट किया गया।
इसकी शिकायत मंडलायुक्त प्रयागराज मंडल व जिलाधिकारी से की गई। एक विकासखंड की कुछ ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर धांधली पाई गई, मगर कार्रवाई न कर मामले को जांच के नाम पर लंबित रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ में अब तक आवंटित 62 हजार पांच सौ प्रधानमंत्री आवासों में मजदूरी मद के 15 हजार रुपयों की रकम 93 करोड़ 75 लाख रुपये का मस्टर रोल में फर्जीवाड़ा कर अधिकारियों ने बंदरबाट किया है। एक त्रिस्तरीय टीम द्वारा की गई जांच में तीन लाख 36 हजार, 872 रुपयों का घपला पकड़ में आया है। जिसके लिए डीसी मनरेगा अजय पांडेय ने प्रथम दृष्टया ग्राम रोजगार सेवक, सचिव ग्राम पंचायत, कंप्यूटर आपरेटर एवं लेखा सहायक को दोषी मानते हुए कार्रवाई करने का पत्र 21 अगस्त को जारी किया है।