जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) की शिकायतों के निस्तारण की रैंकिंग में पिछले माह 63 पायदान पर रहे जिले ने छलांग लगाते हुए 46वां स्थान प्राप्त किया है। लेकिन, पुलिस विभाग की रैंकिंग दो पायदान खिसक कर 34 से 36वें स्थान पर पहुंच गई है।
आईजीआरएस प्रणाली की जून की जारी रैंकिंग में सुधार हुआ है। रैंकिंग खराब आने के बाद डीएम शिव सहाय अवस्थी के आदेश पर मई में आईजीआरएस सेल का निर्माण कैंप कार्यालय में कराते हुए सीआरओ को नोडल अधिकारी बनाया गया था। आईजीआरएस सेल की जिम्मेदारी एसडीएम प्रथम, द्वितीय व न्यायिक को दी गई।
शिकायत करने वालों से ड्यूटी पर तैनात एसडीएम फीडबैक लेते हैं। शिकायतकर्ता द्वारा रिपोर्ट से संतुष्ट न होने पर रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को वापस भेज दी जाती है। दोबारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया जाता है। डीएम ने शिकायतों के डिफॉल्टर प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों के वेतन रोकने व प्रतिकूल प्रविष्टि देने के कड़े निर्देश भी दिए हैं। सीआरओ अजय तिवारी ने बताया ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का लगातार निस्तारण किया जा रहा है।
बोले शिकायतकर्ता
पड़ोसी जबरन घर के बगल की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने मनमानी रिपोर्ट लगा दी है। - रामेश्वर प्रसाद, गौरा।
जमीन कब्जे से संबंधित शिकायत दो बार आईजीआरएस पोर्टल पर पुलिस से की गई। लेकिन, बिना जांच के ही पुलिस ने रिपोर्ट लगा दी। - अरुण सिंह, सुखपाल नगर।